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नियत समय पर जारी नहीं हुआ रुहेलखंड का रिजल्ट

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बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने पहली बार सभी परीक्षाओं के रिजल्ट एक साथ घोषित करने का ऐलान किया तो सर्वर ने मेधावियों की टेंशन बढ़ा दी। जिसमें स्नातक के बीकॉम, बीए, बीएससी, बीबीए, बीसीए और परास्नातक के एमएससी, एमए, एमकॉम, एमसीए के रिजल्ट शामिल हंै। पहले चरण में स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष के रिजल्ट जारी किए। आज दोपहर जैसे ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी रिजल्ट जारी करने की घोषण की तो रुहेलखंड के तमाम छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की बेवसाइडट पर आंखें गड़ा कर बैठ गए। हर किसी को अपने रिजल्ट का इंतजार था तो किसी को रुहेलखंड केटॉपर्स की सूची का इंतजार था। क्योंकि विश्वविद्यालय ने पहली बार रिजल्ट के साथ बरेली और मुरादाबाद के टॉपर्स की सूची भी जारी करने की बात कही है। ऐसे में सबसे अधिक टेंशन बरेली और मुरादाबाद के कॉलेजों के हुई। अपने मेधावियों के नाम जानने के लिए विश्वविद्यालय कैंपस में पूरे दिन फोन घनघनाने लगे।

सर्वर डाउन होने से फूले एंजेसी के हाथ-पाव : रुहेलखंड का रिजल्ट देने के लिए जैसे ही एक साथ लाखों स्टूडेंट्स ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय की बेवसाइड को क्लीक किया जो कई बार सर्वर डाउन हुआ। सर्वर को ठीक करने के लिए एंजेसी और विश्वविद्यालय के अधिकारी इधर-उधर दौड़ते रहे। सर्वर के कारण कॉलेज वाले भी फोन पर शिकायत करते रहे। लेकिन सर्वर दुरस्त करने मेंं काफी समय लगा। जिस कारण कई कोर्स के रिजल्ट शाम तक जारी करने की बात कही गई।

टॉपर्स की लिस्ट ने कराया खूब इंतजार :विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिजल्ट के साथ ही रुहेलखंड के टॉपर्स की लिस्ट को भी जारी करने घोषण की थी। जिससे की बरेली, मुरादाबाद, और बिजनौर, धामपुर, रामपुर, के कॉलेजों के टॉपर्स की जानकारी मिल सके। क्योंकि अभी तक विश्वविद्यालय के रिजल्ट जारी के कई दिनों बाद ही टॉपर्स की सूची मिल पाती थी। कभी कभी इस काम में कई माह का समय भी लग जाता था। तो कॉलेज वाले अपने स्तर पर नंबरों के आधार पर कॉलेज टॉपर्स बनाकर मेधावियों को सम्मानित कर लेते थे।

एग्जाम के कारण नहीं आए स्टूडेंट्स : पहली बार एक साथ रिजल्ट आने की सूचना पर कॉलेज वालों ने भी अपने स्टूडेंंट्स को रिजल्ट वाले दिन कॉलेज आने को कहा था। जिससे की रिजल्ट के साथ खुशियां भी बाटी जा सके। लेकिन सेमेस्टर एग्जाम के कारण कॉलेज वालों ने नेट ये पल को छोड़कर नेट पर अपने स्टूडेंट्स के रिजल्ट चैक किए। वहींं दूसरी ओर कॉलेजों में टॉपर की सूची जानने के लिए सबसे अधिक उत्साह दिखाई दिया।

विश्वविद्यालय ने रोका दर्जनों कॉलेजों का रिजल्ट : कुलपति प्रोफेसर अनल कुमार शुक्ला के बार बार नोटिस देने के बाद भी दर्जनों निजी कॉलेजों ने छात्रों केप्रैक्टिकल माक्र्स नहीं भेजे। जिस कारण विश्वविद्यालय प्रशासन केआदेश के बाद एंजेसी ने इन कॉलेजों का रिजल्ट रोक दिया गया। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी इन कॉलेजों के नाम सार्वनिक नहीं किए। वहीं सूत्रों की माने तो ये कॉलेज वाले हर साल प्रैक्टिकल में अपने चहेते छात्रों को अच्छे अंकों का लाभ पहुचाने के लिए परीक्षा केबाद प्रैक्टिकल अंक रोक लेते है जिसमें जमकर सेटिंग का खेल होता है। इस बात की भनक विश्वविद्यालय के कई अफसरों को भी लेकिन सेटिंग होने के कारण सभी अफसर खमोश है।

रिपोर्टर देवेंद्र कुमार शर्मा

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