Home उत्तर प्रदेश अलीगढ़ अलीगढ़ : जामिया उर्दू अलीगढ़ की उपाधियों को शीघ्र मान्यता

अलीगढ़ : जामिया उर्दू अलीगढ़ की उपाधियों को शीघ्र मान्यता

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भारत मे उर्दू भाषा एवं रोज़गार हेतु समिति की बैठक सम्पन्न

जामिया उर्दू अलीगढ़ को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाना चाहिएः प्रोफेसर एस॰एन॰ तिवारी

जामिया उर्दू अलीगढ़ के पाठ्यक्रम एन0सी0आर0टी0 पर आधारितः डॉ0 जुबैर शादाब

अलीगढ़ : भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के आधीन कार्यरत भारत में उर्दू भाषा एवं रोजगार हेतु समिति की एक विशेष बैठक आज समिति के जामिया उर्दू अलीगढ़ स्थित कैम्प कार्यलय पर सम्पन्न हुई जिसमे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया गए।

इस सम्बन्ध मे समिति के सदस्य सचिव डॉ0 जसीम मोहम्मद ने बताया कि भारत सरकार के एन0सी0ई0एम0आई0 ने देश मे जमीनी स्तर पर उर्दू भाषा की वर्तमान स्थिति तथा उसे रोज़गार से जोड़ने के लिए भारत मे उर्दू भाषा एवं रोज़गार हेतु समिति का गठन किया था। उन्होंने बताया कि समिति की एक विशेष बैठक जामिया उर्दू अलीगढ़ स्थित कैम्प कार्यलय पर सम्पन्न हुई जिसमें उर्दू की स्थिति तथा अन्य सम्बन्धित विषयों पर गहन चर्चा हुई।

डॉ0 जसीम मोहम्मद ने कहा कि समिति शीघ्र की मदरसों में उर्दू माध्यम पाठ्यक्रम पर एक रिर्पोट भारत सरकार को प्रेषित करेगी।

समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर रज़ाउल्लाह खान ने कहा कि चूकि भारत सरकार ने समिति को उर्दू भाषा की जमीनी स्थिति की विवेचना करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है अतः समिति को विभिन्न राज्यों मे जा कर वस्तूस्थित का अवलोकन करना चाहिए।

समिति की संयोजक डॉ0 शविस्ता गफ्फार ने कहा कि उर्दू भाषा की स्थिति देश मे अच्छी ही नहीं है। विशेषरूप से जिन राज्यों मे बड़ी संख्या मे उर्दू भाषी लोग रहते हैं जैसे उत्तर प्रदेश वहाँ भी उर्दू भाषा की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उर्दू भाषा को राज्य की दूसरी भाषा घोषित किया है परन्तु उसे समीनी स्तर पर लागू नहीं किया गया है।

प्रोफेसर एस0एन0 तिवारी ने कहा कि समिति और जामिया उर्दू अलीगढ़ दोनों ही उर्दू भाषा को रोज़गार से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रही है परन्तु इस बारे में उत्तर प्रदेश सरकार को भी अपनी भूमिका अदा करनी चाहिए।

समिति के सदस्य फरहत अली खान ने कहा कि भाषाई अल्पसंख्यक आयोग ने जामिया उर्दू अलीगढ़ को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा देने के लिए सिफारिश की थी परन्तु अभी तक उसे डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ। उन्हांने माँग की जामिया उर्दू अलीगढ़ राष्ट्रीय हित में डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया जाना चाहिए।

समिति के सदस्य डॉ0 जुबैर शादाब ने कहा कि जामिया उर्दू अलीगढ़ के पाठयक्रमों को राज्य बोर्डो की समकक्षता प्रदान की जानी चाहिए क्योंकि जामिया उर्दू अलीगढ़ के पाठ्यक्रम एन0सी0आर0टी0 पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जामिया उर्दू अलीगढ़ उर्दू भाषा को रोजगार से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य लगातार कर रहा है।

बैठक के अन्त में समिति ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके माँग की कि जामिया उर्दू अलीगढ़ को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए और उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली एन0सी0आर0टी0 सरकारें तुरन्त उर्दू भाषा के द्वितीय भाषा को जमीनी स्तर पर लागू करें।

समिति की बैठक मे विशेष आमन्त्रित शामून रज़ा नक्वी, फहद अली खान, डॉ0 आफताब आलम नज़मी, डॉ0 दौलत शर्मा आदि भी उपस्थित थे।

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