Home आपका शहर चिंतन:तरक्की के तीन सूत्र “हौसला जुनून और अनुभव”ठाकुर संजीव कृष्ण..

चिंतन:तरक्की के तीन सूत्र “हौसला जुनून और अनुभव”ठाकुर संजीव कृष्ण..

राधे-राधे ॥आज का भगवद् चिंतन॥
29-05-2020
जुनून, हौसला और अनुभव ये जीवन की तरक्की के तीन महत्वपूर्ण सूत्र हैं।

जुनून आपसे वो भी करवा लेता है, जो आप नहीं कर सकते थे। अथवा ये मानते थे कि ये काम मेरी क्षमता से बाहर है और मुझसे कभी नहीं होगा।असंभव को भी संभव कर के दिखाना ये जुनून का काम है।एक विश्वविजयी सम्राट ने कभी अगर ये कहा है था कि मेरे शब्दकोष में असंभव जैसा कोई शब्द ही नहीं तो ये उसका जुनून ही था जो उसे भीतर से दुनिया को मुठ्ठी में करने का आत्मबल प्रदान कर रहा था।

हौसला आपसे वो करवाता है, जो आप करना चाहते हैं। जीवन में कुछ बड़ा करने का अथवा कुछ अलग करने का स्वप्न लगभग हर कोई देखता है मगर हौसले के अभाव में उनका वह महान स्वप्न भी केवल दिवास्वप्न बनकर रह जाता है।जीवन में कुछ बड़ा करने के सपने देखना भी अच्छी बात है मगर उन सपनों को साकार करने के लिए सदा प्रयत्नशील रहना उससे भी अच्छी बात है।जो लोग हौसले की ऊर्जा से भरपूर निरंतर अपने कर्तव्य पथ पर प्रयत्नशील रहते हैं, उनके महान से महान लक्ष्य भी एक दिन अवश्य पूर्ण हो जाया करते हैं।

अनुभव आपसे वो करवाता है, जो आपको करना चाहिए। हमारे लिए क्या सही होगा अथवा क्या गलत..? या किसमें हमारा हित होगा अथवा किसमें अहित..? अनुभव ही एक मात्र वो शिक्षक है, जो हमें इन सभी प्रश्नों के सबसे सटीक उत्तर दे सकता है। केवल शक्ति का होना पर्याप्त नहीं अपितु शक्ति का व्यय उचित दिशा में हो ये ज्ञान होना भी आवश्यक है।

अनुभव हमारी शक्ति का अपव्यय रोककर उसे श्रेष्ठ मार्ग में लगाने की प्रेरणा प्रदान करता है।

संजीव कृष्ण ठाकुर जी
वृन्दावन