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जल्द मजबूत होगा रुपया,भारतीय मुद्रा में 1 रुपये की मजबूती आने से तेल कंपनियों को 8000 करोड़ का सालाना लाभ…..

जल्द मजबूत होगा रुपया,भारतीय मुद्रा में 1 रुपये की मजबूती आने से तेल कंपनियों को 8000 करोड़ का सालाना लाभ….

नई दिल्ली,। कोरोना संकट के दौर में पिछले कुछ माह में डॉलर के मुकाबले रुपये ने भारी दबाव झेला है। इस माह की शुरुआत में एक डॉलर की कीमत 76.91 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंच गई थी। लेकिन विदेशी निवेश के प्रवाह और सस्ते कच्चे तेल की वजह से यह 76 रुपये प्रति डॉलर के स्तर से नीचे आ गया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सबकुछ सही रहा तो इस साल के अंत तक रुपया 72 के स्तर पर मजबूत हो सकता है। इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा।

सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे बढ़कर 75.58 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इस साल की शुरुआत से अब तक रुपया पांच फीसदी टूट चुका है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा स्थिति में रुपया साल के अंत तक 75 रुपये प्रति डॉलर के स्तर जा सकता है। लेकिन हालात इसी तरह सुधरते रहे तो भारतीय मुद्रा में पांच फीसदी की तेजी साल के अंत तक पांच फीसदी तेजी के साथ 72 रुपये के स्तर पर भी पहुंच सकता है। जानकारों का कहना है कि सरकार के साथ उपभोक्ताओं, कंपनियों और निवेशकों को भी मजबूत रुपये का लाभ मिलेगा।

रुपये के मजबूत होने के फायदे……

कच्चा तेल पर असर : इस क्षेत्र को रुपए की मजबूती से राहत मिलेगी, क्योंकि यह आयात किया जाता है। कच्चे तेल का आयात बिल में कमी आएगी और विदेशी मुद्रा कम खर्च करना होगा।
कैपिटल गुड्स: रुपए की मजबूती से इस सेक्टर को भी राहत मिलेगी, क्योंकि रुपए की मजबूती से भारत में सस्ते कैपिटल गुड्स मिलेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक सामान : रुपया मजबूत हो तो इस क्षेत्र को भी लाभ हासिल होगा, क्योंकि सस्ते इलेक्ट्रॉनिक गु्ड्स आयात किए जा सकेंगे।
जेम्स एंड ज्वैलरी: रुपए की मजबूती का सकारात्मक असर इस सेक्टर पर दिखाई देगा। इससे यह सस्ता होगा और आयात पर भी इसका असर आएगा।
फर्टिलाइजर्स एंड कैमिकल्स :रुपए की मजबूती से यह भी सस्ता होगा। आयात करने वालों को यह कम रुपए में ज्यादा मिलेगा। तो रुपए की मजबूती इस सेक्टर को भी फायदा पहुंचाएगी।

रुपये के मजबूत होने के नुकसान ….

आईटी क्षेत्र को घाटा: अगर रुपया मजबूती के स्तर पर गया तो इस सेक्टर पर प्रतिकूल असर आएगा। कंपनियों को मिलने वाले काम पर आय कम होगी जिससे उनको नुकसान होगा।
दवा निर्यात: अगर रुपया मजबूत हुआ तो इस सेक्टर का निर्यात भी घटेगा।
हैंडीक्राफ्ट और टेक्सटाइल :अगर रुपया मजबूत हुआ तो इस सेक्टर को निर्यात में काफी नुकसान होगा। टेक्सटाइल निर्यात में भारत वैश्विक रैकिंग में फिलहाल दो नंबर पर मौजूद है। यदि रुपया मजबूत हुआ तो इस सेक्टर को भी काफी नुकसान होगा।
पढ़ाई महंगी होगी: रुपया मजबूत होने से विदेशी में पढ़ाई करना महंगा हो जाएगा।