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राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राज्यपालों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं राष्ट्रपति, पीएम मोदी…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राज्यपालों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं राष्ट्रपति, पीएम मोदी..

नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राज्यपालों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित कर रहे हैं। पीएम ने कहा कि शिक्षा नीति की जिम्मेदारी से केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय जुड़े होते हैं, लेकिन यह भी सच है कि शिक्षा नीति में सरकार का दखल कम से कम होना चाहिए। शिक्षा नीति से जितना शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं जुड़े होंगे, उसकी प्रासंगिकता उतनी ही रहती है।

-नई शिक्षा-नीति पर 4-5 साल से कम चल रहा था। लाखों लोगों ने अपने सुझाव दिए थे। इसका ड्राफ्ट जो तैयार हुआ था उसके अलग-अलग पॉइंट पर 2 लाख से अधिक लोगों ने सुझाव दिए थे। इतना गहरा इतना व्यापक, विविधिता के बाद जो अमृत निकला है उसकी वजह से हर ओर इसका स्वागत हो रहा है। सबको राष्ट्रीय शिक्षा नीति अपनी शिक्षा नीति लग रही है। सभी के मन में यह भावना है कि यही सुधार तो मैं होते हुए देखना चाहता था।

पीएम के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने नई शिक्षा नीतियों की खूबियां बताईं।

प्रधानमंत्री ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, ”7 सितंबर सुबह 10.30 बजे, मैं, राष्ट्रपति जी, राज्यपालों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और इसके क्रांतिकारी प्रभाव पर एक सम्मेलन में भाग लूंगा। इस सम्मेलन में होने वाला विचार-विमर्श भारत को ज्ञान का केंद्र बनाने के हमारे प्रयासों को मजबूत करेगा।’

सम्मेलन का विषय ”उच्च शिक्षा के बदलाव में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका” रखा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वक्तव्य के अनुसार राज्यपालों के इस सम्मेलन में सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री, राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं।

बयान में कहा गया, ”राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 इक्कीसवीं सदी की पहली शिक्षा नीति है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के 34 वर्ष बाद घोषित किया गया है। नई शिक्षा नीति को स्कूल और उच्च शिक्षा स्तर दोनों में बड़े सुधारों के लिए लाया गया है।”

इसमें कहा गया है, ”नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को न्यायसम्मत और जागरूक समाज बनाने का प्रयास करने वाली है। यह ऐसी भारत-केंद्रित शिक्षा प्रणाली की परिकल्पना करती है जो भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने में सीधे योगदान दे।”

बयान के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए व्यापक परिवर्तन देश की शिक्षा प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव लाएगा और प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप आत्म-निर्भर भारत बनाने की दिशा में सक्षम एवं सुदृढ़ शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेगा।