Home आपका शहर चिंतन:सदगुण,सदाचार और सद्चरित्रों का जीवन में प्रवेश ही देवत्व है:ठाकुर संजीव कृष्ण

चिंतन:सदगुण,सदाचार और सद्चरित्रों का जीवन में प्रवेश ही देवत्व है:ठाकुर संजीव कृष्ण

राधे राधे ॥ आज का भगवद चिन्तन ॥
29-10-2020
दैवत्व आपके जीवन में घटना चाहिए। देवता वे नहीं जिन्होंने स्वर्ग में घर बनाया है अपितु वे हैं जिन्होंने घर को ही स्वर्ग बनाया है। सदगुण, सदाचार और सद्चरित्रों का जीवनमें प्रवेश ही जीवन में दैवत्व घटना है और इन्ही गुणों का ह्रास ही जीवन से दैवत्व का घटना है।

महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप विशिष्ट बनें अपितु यह है कि आप शिष्ट बनें। प्रयास अवश्य करो मगर महान बनने का नहीं अपितु एक अच्छे इंसान बनने का। जहाँ एक अच्छे और सच्चे इंसान का निर्माण होता है महान बनने की प्रक्रिया भी वहीँ से प्रारम्भ होती है।

महान बनने के लिए अगर कोई शर्त है तो वह मात्र इतनी कि पहले एक इंसान बना जाये। मनुष्य जन्म मिलना यह कोई बड़ी बात नहीं है। मनुष्यता का जन्म होना यह बड़ी और दुर्लभ बात है।

जो शुद्ध है वही सिद्ध है।

संजीव कृष्ण ठाकुर जी
वृन्दावन