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चिंतन:जीवन मे प्राप्ति और त्याग का संतुलन चुनौतीपूर्ण और आवश्यक है:ठाकुर संजीव कृष्ण

राधे राधे ॥ आज का भगवद चिन्तन ॥
01-12-2020
कई बार प्राप्ति से नहीं अपितु आपके त्याग से आपके जीवन का मूल्यांकन किया जाता है। माना कि जीवन में पाने के लिए बहुत कुछ है मगर इतना ही पर्याप्त नहीं क्योंकि यहाँ खोने को भी बहुत कुछ है। बहुत चीजें जीवन में अवश्य प्राप्त कर लेनी चाहियें मगर बहुत सी चीजें जीवन में त्याग भी देनी चाहियें।

प्राप्ति ही जीवन की चुनौती नहीं, त्याग भी जीवन के लिए एक चुनौत है। अतः जीवन दो शर्तों पर जिया जाना चाहिए। पहली यह कि जीवन में कुछ प्राप्त करना और दूसरी यह कि जीवन में कुछ त्याग करना ।

एक जीवन को पूर्ण करने के लिए आपको प्राप्त करना ही नहीं अपितु त्यागना भी है। और आत्म-चिन्तन के बाद क्या प्राप्त करना है और क्या त्याग करना है ? यह भी आप सहज ही समझ जाओगे।

एक फूल को सबका प्रिय बनने के लिए खुशबू तो लुटानी ही पड़ती है।

संजीव कृष्ण ठाकुर जी