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चिंतन:गीता में श्री कृष्ण कहते हैं कि अपने भाग्य से तुम्हें स्वयं ही लड़ना होगा पुरुषार्थ के दम पर प्रारब्ध को बदलना होगा:ठाकुर संजीव कृष्ण

राधे राधे ॥ आज का भगवद चिन्तन ॥
22-02-2021
*सोमनाथ महादेव से हर हर महादेव*
बिना परिश्रम किए कोई भी सफल नहीं हो सकता। आज का आदमी नाम तो चाहता है पर बिना काम किए। आदमी सोचता तो बहुत पर असफल हो जाने के डर से और मानसिक अकर्मण्यता के कारण वह कोई ठोस योजना नहीं बना पाता।
गीता में श्री कृष्ण यही कहते हैं कि अपने भाग्य से तुम्हें स्वयं ही लड़ना होगा। पुरुषार्थ के दम पर प्रारब्ध को बदलना होगा।जो आदमी अपने अंदर से ही असफल है वह सफल कैसे होगा ? ठोकरों से घबड़ाओ मत, वो तुम्हें गिराकर आगे बढ़ने के लिए तैयार कर रही हैं।

“जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा.,
जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा.
बिना संघर्ष के इन्सान चमक नही सकता, यारों.
जो जलेगा उसी दिये में तो, उजाला होगा…

संजीव कृष्ण ठाकुर जी
सोमनाथ गुजरात