Home उत्तर प्रदेश अलीगढ़ अलीगढ:डीडीओ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय भूजल गोष्ठी सम्पन्न…

अलीगढ:डीडीओ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय भूजल गोष्ठी सम्पन्न…

डीडीओ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय भूजल गोष्ठी सम्पन्

जनपद की समस्त वाटर बॉडीज को सूचीबद्ध करते हुए जियो टैगिंग कराई जाए

विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से ’’कैच द रेन’’ अभियान को बनाएं जन आन्दोलन

*बीडीओ ग्राम पंचायत स्तर पर कराएं ’’कैच द रेन’’ कार्यशाला का आयोजन*

जिला विकास अधिकारी भरत कुमार मिश्र की अध्यक्षता में विकास भवन के गॉधी सभागार में भूजल सप्ताह के अन्तर्गत जनपद स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। भूजल संरक्षण एवं संवर्धन गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए डीडीओ ने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी भूजल संवर्धन के लिए बहुत ही गंभीर हैं, उनका विजन है कि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को उसके गिरने के स्थान पर ही भूमि में संरक्षित किया जाए। मा0 प्रधानमंत्री जी के उद््देश्य को पूर्ण करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ’’कैच द रेन’’ अभियान संचालित किया जा रहा है जोकि 22 मार्च से शुरू होकर 30 नवम्बर तक चलेगा।
जिला विकास विकास अधिकारी ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अधिकारी अपने विभागों में जल संरक्षण के लिए नोडल नामित कर दें, जिससें विभागीय प्रगति को जल्द से जल्द एक पटल पर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में जितनी भी वाटर बॉडीज हैं उनका सर्वेक्षण कराकर 31 जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने निर्देश दिये कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सभी वाटर बॉडीज का सर्वेक्षण कराने के उपरान्त उसकी जियो टैगिंग भी कराई जाए। उन्होंने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा, बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर कैच द रेन कार्यशाला का आयोजन कराया जाए ताकि जल संरक्षण एवं संवर्धन के अभियान को जनआन्दोलन बनाया जा सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि किस विभाग के पास कितनी बिल्डिंग या छत उपलब्ध है इसकी सूचना उपलब्ध कराएं ताकि आवश्यतानुसा वर्षा जल के संचयन के लिए रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम एवं रिचार्ज पिट लगाई जा सके।
सहायक भू-भौतिकविद्, आगरा नम्रता जायसवाल ने वर्षा जल संचयन एवं भूगर्भ जल संवर्धन के लिए किये जा रहे कार्यांे के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्षा जल को विभिन्न उपायों जैसे रिचार्ज पिट, मेड़ बन्दी आदि के द्वारा उसके गिरने के स्थान पर ही रोका जा रहा है ताकि वर्षा का जल बहकर बेकार ना जाए। उन्होंने बताया कि 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की छत के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 80 हजार लीटर तक जल संचयन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभिन्न गोष्ठियों एवं कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को जल की उपलब्धता के अनुसार फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ड्रिप एवं स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई करने पर अत्यधिक भूजल दोहन को रोका जा सकता है।
बैठक का संचालन करते हुए सहायक अभियंता लघु सिंचाई वी0एस0 सुमन ने बताया कि भूजल सप्ताह के तहत 16 जुलाई से 22 जुलाई तक जनपद भर में विभागीय अधिकारियों के माध्यम से कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बरसात के पानी को खेत में रोकने के लिये किसानों को प्रोत्साहित कर उनके खेत में अधिक से अधिक संख्या में खेत तालाब खुदवाने एवं यदि वह इच्छुक होने पर मत्स्य पालन कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक डा0 धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि भूजल सप्ताह के तहत विद्यालयों में भूजल संरक्षण पर भाषण, चित्रकला, स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता का आयोजन कराया जा रहा है, जिसमें से विजयी प्रतिभागियों को जिलास्तर पर सम्मानित किया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी एन0के0 सहानिया ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज की भवनों में रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराए जा रहे हैं। इसी प्रकार ड्रिप व स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई को प्रोत्साहित करने के लिए संयंत्र स्थापना पर बड़े किसानों को 80 प्रतिशत और लघु एवं सीमान्त किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। बैठक के अन्त में जिला विकास अधिकारी द्वारा उपस्थितजनों को जल शपथ भी दिलाई गयी। बैठक में बीडीओ अकराबाद शैली गोविल सहित वन विभाग, जल, सिंचाई, मत्स्य, समाज कल्याण, नलकूप एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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*अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्ति लाण्ड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना में ऋण के लिए 05 अगस्त तक करें आवेदन*

उ0प्र0 अनुसूचित जाति एवं वित्त विकास निगम लि0 द्वारा लाण्ड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना के तहत 2 लाख 16 हजार की योजना में 02 एवं 01 लाख की योजना में जनपद के 06 पात्र धोबी समाज समेत अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों को इस शर्त के साथ लाभान्वित किया जाना है कि प्रश्नगत योजना में धोबी समाज को प्राथमिकता दी जाएगा। इच्छुक पात्र अभ्यर्थी दिनांक 05 अगस्त 2021 तक विकास भवन स्थित अनुसूचित जाति एवं वित्त विकास निगम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
जिला प्रबन्धक उ0प्र0 अनुसूचित जाति एवं वित्त विकास निगम लि0 संध्या रानी बघेल ने जानकारी देते हुए बताया है कि अभ्यर्थी के पास तहसीलदार द्वारा निर्गत जाति, शहरी क्षेत्र में 56460 रूपये तथा ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रूपये तक का वार्षिक आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र, मूल निवास, अनुभव के साथ ही प्रोजेक्ट रिपोर्ट होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्राप्त ऋण आवेदन पत्रों के पात्र अभ्यर्थियों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा किया जाएगा। इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी कर साथ ही निगम की वेबसाइट www.upscfdc.hqup.inपर आनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।