Know Disaster-No Disaster“ अभियान के तहत जिलाधिकारी अलीगढ़ ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी..

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आपदा पूर्व चेतावनियों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश, सभी विभागों में बनेगा सशक्त सूचना तंत्र

 

सचेत और दामिनी ऐप डाउनलोड कराने पर जोर, आंधी-तूफान व बज्रपात की समय रहते मिलेगी जानकारी

 

“Know Disaster-No Disaster“ अभियान के तहत जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

 

अलीगढ़ : जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जिले में आपदा पूर्व चेतावनियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार एवं समयबद्ध प्रसारण के लिए सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को कम करने के लिए समय रहते चेतावनियों का आमजन तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश में गत दिनों आई आंधी-तूफान, वज्रपात एवं वर्षा से हुई जनहानि की समीक्षा के दौरान मा. मुख्यमंत्री द्वारा मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्व चेतावनियों के पर्याप्त प्रचार-प्रसार न होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई थी। इसी क्रम में जिले में एक सुदृढ़ आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों तक समय रहते सूचनाएं पहुंचाई जाएंगी।

उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे व्यक्तिगत रुचि लेते हुए अपने विभाग में आपदा पूर्व चेतावनियों के प्रचार-प्रसार की व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्राप्त चेतावनियों को विभागीय व्हाट्सएप समूहों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन तक तत्काल साझा किया जाए, ताकि लोग संभावित आपदा एवं उससे बचाव के उपायों की जानकारी समय रहते प्राप्त कर सकें।

जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मोबाइल फोन में ‘सचेत’ एवं ‘दामिनी’ ऐप डाउनलोड कराने के निर्देश भी दिए हैं। इन ऐप्स के माध्यम से आंधी-तूफान, वज्रपात, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, लू एवं हीट वेव जैसी आपदाओं की अग्रिम चेतावनी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी तंत्र की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जनसहभागिता से ही इसके बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। समय पर प्राप्त चेतावनियों का पालन कर नागरिक स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। जनपद प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिकतम लोगों तक आपदा संबंधी चेतावनियां एवं बचाव संबंधी जानकारी पहुंचे, जिससे जनहानि एवं क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

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