पुरुषोत्तम मास की परमा एकादशी
आज पुरुषोत्तम मास की पावन परमा एकादशी — जो कि इस दिव्य अतिरिक्त मास की अंतिम एकादशी है — के महान अवसर पर, समस्त सृष्टि के स्वामी भगवान विष्णु की सर्वोच्च अभिव्यक्ति हमारे हृदय में पूर्णतया जागृत हो।
*परमा* का अर्थ है — परम, सर्वोच्च, उच्चतम। यह वह एकादशी है जो अन्य सभी एकादशियों से श्रेष्ठ मानी जाती है, क्योंकि यह पुरुषोत्तम मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इसके व्रत, ध्यान और भक्ति से समस्त पापों का नाश होता है, दरिद्रता दूर होती है, सांसारिक सुख मिलता है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।इस पवित्र परमा एकादशी के क्षण में हम अपने अंतःकरण की समस्त मलिनताओं को भस्म करें, ताकि श्रीपुरुषोत्तम की असीम कृपा से हमारा प्रत्येक श्वास, प्रत्येक कर्म और प्रत्येक विचार उनकी अनंत लीला का साक्षात् स्वरूप बन जाए।
*इस पावन परमा एकादशी के पावन अवसर पर आपको एवं आपके समस्त परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान पुरुषोत्तम की कृपा आप पर सदैव बनी रहे, जीवन में शांति, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त हो।*
जय परमा एकादशी! जय पुरुषोत्तम! .



