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एक मां बनने की खुशी… लेकिन उसके बाद दर्द, अस्पताल के चक्कर और अब इंसाफ की मांग। अलीगढ़ से सामने आए इस मामले ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।”
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित मैरिस रोड के कृष्णा हॉस्पिटल में इलाज को लेकर एक महिला के परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
परिजनों का आरोप है कि करीब एक महीने पहले महिला की सामान्य डिलीवरी हो सकती थी, लेकिन कथित तौर पर ऑपरेशन किया गया। आरोप यह भी है कि ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में कॉटन यानी रुई छूट गई, जिसके कारण उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही।
परिजनों का कहना है कि बाद में डॉक्टरों के आश्वासन पर महिला को दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां दोबारा ऑपरेशन कर उसके पेट से कॉटन निकाली गई। अब आरोप है कि संबंधित अस्पताल के डॉक्टर ने मामले में सहयोग करने से इनकार कर दिया।
इसी से नाराज़ परिजन महिला को स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल आपसे…
**यदि जांच में मेडिकल लापरवाही साबित होती है, तो क्या ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।



