
राधे राधे
आज का भगवद् चिन्तन
स्वास्थ्य ही अनमोल धन
हमें एक बात सदैव स्मरण में रखनी चाहिए कि आरोग्यता ही सबसे बड़ा धन है। धन अवश्य कमाना चाहिए लेकिन केवल धनोपार्जन को ही जीवन का उद्देश्य नहीं बनाना चाहिए। धन ही जीवन नहीं है अपितु धन जीवन की आवश्यकता है। केवल रात – दिन धनोपार्जन की जीवन शैली में अब हम अपना स्वास्थ्य बेचने में लगे हैं।
हम पहले पैसा कमाने के लिए सेहत बिगाड़ते हैं फिर सेहत वापस पाने के लिए पैसे को बिगाड़ते हैं। स्वास्थ्य रहने पर आप धन अवश्य कमा सकते हैं लेकिन धन रहते हुए भी स्वास्थ्य नहीं कमाया जा सकता है। धन जीवन की आवश्यकता हो सकती है उद्देश्य कदापि नहीं व धन साधन है साध्य नहीं। धन भी कमाओ लेकिन स्वास्थ्य भी अवश्य बचाओ क्योंकि स्वास्थ्य ही सबसे अनमोल धन है।
गौभक्त श्री संजीव कृष्ण ठाकुर जी
महाकुम्भ प्रयागराज




