जैन मिलन महिला ने अक्षय तृतीया पर राहगीरों को पिलाया गन्ने का रस
रविवार को खिरनी गेट पर जैन महिला अलीगढ़ नगर द्वारा अक्षय तृतीया के पावन दिवस पर राहगीरों को गन्ने के रस वितरण कर सेवा कार्य किया गया। प्रात: मंदिर जी में श्रीजी का अभिषेक एवं प्रथम शांतिधारा करने का सौभाग्य राजेंद्र जैन अर्पित जैन परिवार द्वितीय शांतिधारा त्रिलोक चन्द्र जैन गौरव जैन मयंक जैन परिवार को प्राप्त हुआ। उसके उपरांत जगवीर किशोर जैन पूर्व एमएलसी, भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश कुमार जैन ,सुरेश कुमार जैन गढ़ी,क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. पी.के.जैन एवं श्री दिगम्बर जैन महासमिति के प्रांतीय महामंत्री राजीव जैन ने संयुक्त रूप से फीता खोलकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जैन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ने एक वर्ष की कठोर तपस्या के बाद हस्तिनापुर के राजा श्रेयांस से गन्ने का रस (इक्षु रस) ग्रहण कर प्रथम आहार प्राप्त किया था। यह प्रसंग जैन धर्म में प्रथम आहार दान के रूप में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में हर वर्ष जैन समाज द्वारा इस दिन विशेष रूप से आहार दान, ज्ञान दान और औषधि दान जैसे पुण्य कार्य किए जाते हैं। भगवान आदिनाथ की तपस्या और आहार ग्रहण की यह घटना समाज में दान की परंपरा और सेवा भाव को दर्शाती है।
जैन धर्म में अक्षय तृतीया पर दान का विशेष महत्व होता है. इस धर्म में भगवान आदिनाथ ने सबसे पहले समाज में दान के महत्व को समझाया था और दान की शुरुआत की थी. भगवान आदिनाथ राज-पाठ का त्याग करके वन में तपस्या करने निकल गए थे. उन्होंने वहां 6 महीने तक लगातार ध्यान किया था. 6 महीने बाद जब उन्होंने सोचा कि इस समाज को दान के बारे में समझाना चाहिए तो वे ध्यान से उठकर आहार मुद्रा धारण करके नगर की ओर निकल पड़े थे। समिति की मंत्री पूर्वी जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया इस मौके पर ऋतु जैन नीता जैन मधु जैन मोना जैन पूजा जैन मीना जैन सरिता जैन शीला जैन दीप्ति जैन गरिमा जैन मीनू जैन अंजना जैन हेमेंद्र जैन मयंक जैन अतुल जैन आदर्श जैन सौरभ जैन पांड्या राहुल जैन प्रदीप जैन दिलीप जैन दीपेन जैन दीपेंद्र जैन शुभ जैन आदि उपस्थित रहे।



