चिंतन:जीवन की अनिश्चितता..

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जीवन की अनिश्चितता

बुरे समय को याद करके दुःखी होने की अपेक्षा अच्छे समय को याद करके खुश होना कई गुना अच्छा है। जीवन की पटरी रेल की तरह समानांतर नहीं चलती है अपितु सड़क की तरह कहीं ऊपर, कहीं नीचे, कहीं चौड़ी, कहीं संकीर्ण, कहीं समतल तो कहीं ऊबड़खाबड़ होती है। यहाँ कभी कुछ अच्छा तो कभी कुछ बुरा सबके जीवन में घटित होता है। समय गलत होता है, लेकिन समझ गलत नहीं होनी चाहिए।

जीवन के जिस पहलू पर भी आपकी दृष्टि रहेगी उसी आकार में जीवन अपने आप को ढालने लगेगा। आप अपनी खुशियों पर दृष्टि रखेंगे तो वो आपको दुःखों की विस्मृति कराकर आपके मन को प्रसन्नता से भर देगा और यदि आपकी दृष्टि बुरे समय पर रही तो वो अभाव और अतृप्ति का आभास कराकर आपके मन को दुःखी कर देगा। दुःख होते हुए भी मन से अपने अच्छे समय को याद करके खुश रहना ही जीवन की प्रसन्नता का रहस्य है।

आज का दिन शुभ मंगलमय हो

 

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