चिंतन:संघर्ष उज्जवल भविष्य का बीज.. 

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संघर्ष  उज्जवल भविष्य का बीज

 

नि: संदेह संघर्षों के साये में ही उज्जवल भविष्य के निर्माण का बीज निहित है। संघर्षों से डरकर बैठ जाने वाला व्यक्ति या संघर्ष के जोखिम से राह बदल लेने वाला व्यक्ति कभी भी समाज का प्रेरक नहीं हो सकता। समाज को प्रेरणा वही दे सकता है जिसका निर्माण संघर्षों के साये में हुआ हो। जीवन में विकट परिस्थितियों का सामना किए बिना यदि कुछ प्राप्त हो भी जाए तो उस उपलब्धि का कोई मोल नहीं होता। संघर्ष के रंग ही हमारी सफलता के रंग को सतरंगी बनाते हैं।

संघर्ष हमें सिखाता है कि असफलता कोई अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का संकेत है। जो व्यक्ति बार-बार गिरकर भी उठता है, वही इतिहास के पन्नों पर अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करवाता है। सच्ची प्रगति उन्हीं हाथों से संभव है जो कठिनाइयों को चुनौती मानकर आगे बढ़ते हैं। अंततः, संघर्ष न केवल व्यक्तिगत विकास करता है, बल्कि पूरे समाज को एक बेहतर, मजबूत और प्रेरणादायक दिशा प्रदान करता है।

आज का दिन शुभ मंगलमय हो।

 

 

 

 

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