चिंतन:कुछ बातों को विस्मृत करना भी जीवन की एक श्रेष्ठ कला है..

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राधे – राधे

कुछ भूलना भी सीखें

तीव्र स्मरण शक्ति यदि जीवन का वरदान है तो कुछ बातों को विस्मृत करना भी जीवन की एक श्रेष्ठ कला है। जीवन को सब कुछ याद रखकर ही आनंदपूर्ण नहीं बनाया जाता अपितु जीवन को आनंदमय बनाने के लिए बहुत कुछ विस्मृत भी करना पड़ता है। हम बच्चों को बहुत सारी बातें सिखाते हैं लेकिन उनसे कुछ नहीं सीख पाते। बच्चों से भूलने की कला भी हमको सीखनी चाहिए।

हम बच्चों पर गुस्सा करते हैं, उन्हें डांटते भी है लेकिन बच्चे थोड़ी देर बाद उस बुरे अनुभव को भूल जाते हैं। इसी तरह जो बुरा है, जो गलत है, जो कड़वा है, जो स्मृतियाँ आपके जीवन आनंद में विघ्न उपस्थित करने वाली हैं, उसे भूल जाना भी जीवन की एक श्रेष्ठ कला है। जो जितना बुरी स्मृतियों को पकड़ा रहता है, वो उतना ही दुःखों से जकड़ा रहता है। मधुर स्मृतियाँ भी जीवन को मधुरता प्रदान करती हैं।

गौभक्त श्री संजीव कृष्ण ठाकुर जी
श्रीधाम वृन्दावन