
अलीगढ़: चलती कार बनी आग का गोला, सूझबूझ से बची मासूम बच्चों सहित एक ही परिवार के 4 लोगों की जान
रसलगंज चौराहे के पास अचानक धू-धू कर जल उठी कार, समय रहते बाहर निकले सवार; बड़ा हादसा टला
अलीगढ़। थाना बन्ना देवी क्षेत्र के रसलगंज चौराहे के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब एक चलती हुई कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। हालांकि, कार सवार परिवार की सूझबूझ और फुर्ती के कारण एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। कार में सवार पति-पत्नी और दो छोटे बच्चों समेत सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सेंटर पॉइंट से लौट रहा था परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घड़ियावली निवासी मनोज वार्ष्णेय के बेटे मयंक वार्ष्णेय अपनी पत्नी काजल और दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ सेंटर पॉइंट से लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार कठपुला से नीचे की ओर उतरकर रसलगंज चौराहे के पास पहुंची, तभी अचानक कार से धुआं निकलने लगा। मयंक ने तुरंत गाड़ी को किनारे लगाया।
पलक झपकते ही भभक उठी आग
धुआं निकलता देख मयंक और उनकी पत्नी ने बिना वक्त गंवाए फुर्ती दिखाई और बच्चों समेत तुरंत कार से बाहर आ गए। उनके बाहर निकलते ही आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि समय रहते परिवार कार से बाहर निकल आया, जिससे चारों की जान बाल-बाल बच गई।
फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग
राहगीरों और स्थानीय लोगों की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में लगी आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर लोहे के कंकाल में तब्दील हो चुकी थी। इस घटना के दौरान सड़क पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही।
”गाड़ी मेरा बेटा चला रहा था। वह सेंटर पॉइंट से आ रहा था, तभी अचानक धुआं उठा और देखते ही देखते आग बढ़ गई। गाड़ी किनारे रोककर बेटा, बहू और दोनों बच्चे तुरंत नीचे उतर आए। गाड़ी पूरी जल गई है, लेकिन भगवान का शुक्र है कि सब सकुशल हैं।”
— मनोज वार्ष्णेय (कार मालिक)
इस हादसे ने एक बार फिर चलती गाड़ियों में अचानक लगने वाली आग और सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है, लेकिन इस मामले में मयंक की त्वरित सूझबूझ ने एक हंसते-खेलते परिवार को बड़ी त्रासदी का शिकार होने से बचा लिया।




