
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रसंघ चुनाव कराने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय के अधिकारियों से जवाब दाखिल करने को कहा।
कैफ हसन नाम के एक विद्यार्थी द्वारा दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि एएमयू के अधिकारी 2019 से छात्रसंघ चुनाव कराने में विफल रहे हैं और यह विद्यार्थियों के अधिकारों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों का हनन है।
इससे पूर्व, अदालत ने 18 नवंबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अधिवक्ता को उक्त जनहित याचिका में उठाए मुद्दे के संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। लेकिन, 29 नवंबर, 2024 को जब इस मामले में सुनवाई शुरू हुई तो अदालत ने पाया कि विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए जवाब से उद्देश्य हल नहीं हो रहा।
मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने कहा, इस अदालत द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए जवाब में संकेत दिया गया है कि संस्थान उचित समय पर चुनाव कराएगा। हालांकि, इस जवाब में उन मुद्दों के बारे में नहीं बताया गया जो इस याचिका के बिंदु है या नहीं है।




