
चिंतन:जीवन में परिवर्तन..
जीवन में परिवर्तन मनुष्य जब चाहे तब अपने को श्रेष्ठ पथ का पथिक बना सकता है। किसी भी मनुष्य के लिए अंतिम क्षणों तक जीवन परिवर्तन के संभावनाओं के द्वार सदा खुले रहते हैं। वह चाहे तो सदैव अपने जीवन को उत्कृष्ट से उत्कृष्ट बनाने में अथवा निकृष्ट से




















