
अपने कार्य में बार-बार नवीनता लाए
जब आप किसी भी कार्य, व्यवसाय, परिवार का नेतृत्व करते हैं।
सबसे आवश्यक होता है कि बार बार नवीनता लाते रहें। जिससे लोगों में ऊर्जा बनी रहे।
कोई भी काम कितना भी रोमांचक हो उसमें धीरे धीरे बोरियत आने लगती है। नौकरीपेशा ही नहीं व्यवसायी व्यक्ति भी इसीलिये उदासीन होता है। उसका सब कुछ निश्चित है। वह जो पाँच वर्ष पूर्व कर रहा था। वही आज भी करता है। उसे कोई असुरक्षा का भाव नहीं है। वह जल्दी ही बूढ़ा हो जाता है। अभी कितनी नौकरी बची या हम जरूरत की चीजें तो इक्कठी कर चुके इसी ख्याल में जीता है।
वास्तव में हम सुरक्षा के लिये चिंतित रहते हैं। जबकि जीवन का रोमांच असुरक्षा में होता है।
तो कुछ बड़ा करने कि प्रतीक्षा से अच्छा है कि कुछ नवीन अप्रत्याशित करना है। इससे आप में और आपके साथ काम करने वालों में ऊर्जा बनी रहती है।
आज का दिन शुभ मंगलमय हो।




