
फिर लौट रही बुण्देली परम्परा, एक महीने में बैलगाड़ी से विदा हुई दूसरी दुल्हन
राठ हमीरपुर। आज के आधुनिक युग में प्रदूषण व शोरशराबा से बचने के लिए एक युवक ने अपने मामा से प्रेरणा लेते हुए अपनी पत्नी की विदाई बैलगाड़ी से कराई है। जो नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जनपद की लौडी थाना क्षेत्र के ग्राम रगोली निवासी ब्रह्मदत्त कुशवाहा उर्फ बबलू ने बताया कि उसके राठ नगर के मोहल्ला सिकंदरपुरा निवासी मामा मनोज कुशवाहा पुत्र रामगोपाल हमेशा से ही प्रदूषण के खिलाफ रहे हैं। जिसको लेकर उसकी शादी में उन्होंने शोर शराबा व प्रदूषण से बचाव के लिए पुरानी परंपरा अपना आकर बैलगाड़ी में पत्नी की विदाई करने के लिए प्रेरित किया। जिस पर आज उसने शांतिप्रिय ढंग से वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराने के बाद नगर के एक विवाह घर से नगर के मोहल्ला बुधौलियाना निवासी अपनी पत्नी पुष्पा की विदाई बैलगाड़ी से कराई है। जो नगर में चर्चा का विषय बनी हुए है।
नोट- बैलगाड़ी से पत्नी की विदाई करते ब्रह्म दत्त की फोटो




