।। आस्था की अगाध शक्ति ।।
चिंता, दुविधा तथा विकट परिस्थितियाँ उन पर अधिक हावी होती हैं, जिन्हें संबल प्रदान करने वाला कोई नहीं सूझता। आस्था यदि व्यक्ति के बजाय सर्वव्यापी ईश्वरीय सत्ता में हो तो व्यक्ति में आजीवन नैतिक, अध्यात्मिक शक्तियों का प्रवाह बना रहेगा। धर्म स्थल के दर्शन और प्रार्थना से भक्तों की व्यथाएं इसलिए दूर होती हैं, क्योंकि भक्त की अपने ईश्वर में अगाध आस्था होती है। जब जीवन में अंधेरा घिरने लगता है और चारों ओर निराशा के बादल छा जाते हैं, तब सच्ची आस्था मन को वह रोशनी प्रदान करती है जो किसी भी भौतिक साधन से नहीं मिल सकती। प्रार्थना के क्षणों में मन शांत होता है और आत्मा को नई ऊर्जा मिलती है। सच्चा भक्त जानता है कि ईश्वर हर कठिनाई में साथ है, इसलिए वह कभी हार नहीं मानता। इस प्रकार आस्था न केवल संकटों से लड़ने की शक्ति देती है, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा भी प्रदान करती है। नियमित रूप से मंदिर, गुरुद्वारे, मस्जिद या चर्च जाना व्यक्ति के मन को पवित्र बनाता है और दैनिक तनावों से मुक्ति दिलाता है। आस्था रखने वाला व्यक्ति दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन जाता है।
आज का दिन शुभ मंगलमय हो।




