डीएम अविनाश कुमार की बड़ी कार्रवाई: जीएसटी हड़पने के आरोप में जीडी कंस्ट्रक्शन ब्लैकलिस्ट, एफआईआर के आदेश
भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं पर डीएम का बड़ा प्रहार, जीएसटी गड़बड़ी में फर्म के खिलाफ मुकदमे के निर्देश
अलीगढ़ : पंचायत निधियों में अनियमितता और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के मामले में जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत लहरा सलेमपुर, विकास खंड बिजौली में कार्य करने वाली जीडी कंस्ट्रक्शन फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। संयुक्त जांच रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण में यह तथ्य सामने आए 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान जीएसटी एवं सीजीएसटी मद में कुल 4,39,816.68 रुपये का भुगतान किए जाने के बावजूद फर्म ने समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया और कर राशि जमा नहीं की। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि पंचायत निधियों से संबंधित अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई गई। सहायक विकास अधिकारी, पंचायत बिजौली, जिला कृषि अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त जांच में जीडी कंस्ट्रक्शन को पूरी तरह दोषी पाया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि फर्म को जीएसटी मद में 2,19,908.34 रुपये और सीजीएसटी मद में 2,19,908.34 रुपये, कुल 4,39,816.68 रुपये का भुगतान किया गया था, लेकिन वैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पंचायत निधि जनता की गाढ़ी कमाई से संचालित विकास कार्यों के लिए होती है और उसके दुरुपयोग अथवा नियमों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना है और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के अनुमोदन के अनुपालन में जीडी कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही ग्राम पंचायत लहरा सलेमपुर के सचिव के माध्यम से फर्म के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत थाना दादों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में राज्य कर विभाग को भी पत्र भेजा जा रहा है, ताकि फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने की सूचना दर्ज करते हुए आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यतेंद्र कुमार ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों से जुड़े सभी मामलों की सतत निगरानी की जा रही है और सरकारी धन के दुरुपयोग या कर संबंधी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।




